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Author: Sushil Dogra

प्रमुख जन आंदोलन

1. बुशहर में दूम्ह आंदोलन (1859)— सन् 1859 में बुशहर रियासत के किसानों ने नकदी भूमि लगान के खिलाफ आन्दोलन किया। इसका प्रमुख केन्द्र रोहडू क्षेत्र था। इसके कई कारण थे, परन्तु मुख्यत: यह सन् 1854 में सम्पन्न हई जमीन की पैमाइश के विरुद्ध था। नूरपुर निवासी तहसीलदार श्यामलाल ने उक्त समय जमीन का बन्दोबस्त…
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हिमाचल में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत

सन् 1845-46 के प्रथम अंग्रेज-सिक्ख युद्ध ने काँगड़ा तथा कुल्लू की पहाड़ी रियासतों को अंग्रेजों के चंगुल में धकेल दिया। 9 मार्च 1846 की सन्धि के अनुसार हिमाचल के अधिकांश हिस्से सिक्खों के छूटकर सीधे अंग्रेजी प्रशासन के अधीन आ गए, जिसके परिणामस्वरूप पहाड़ी रियासतों पर अंग्रेजों का एकाधिकार स्थापित हो गया। अंग्रेजों ने सिक्खों…
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HPU Admission notice 2020-21 (for entrance test based courses)

Online application forms for the subjects/courses as mentioned in the notification at Sr No. 1 to 4 for the entrance test are invited from the eligible candidates upto 30 May 2020. Online forms are available in HP University site www.hpuniv.ac.in.    

आधुनिक हिमाचल का इतिहास (ब्रिटिश)

1. ब्रिटिश और गोरखे- गोरखों ने कहलूर के राजा महानचंद के साथ मिलकर 1806 में संसारचंद को हराया। अमर सिंह थापा ने 1809 ई. में हिण्डूर के राजा राम सरन सिंह पर दबाव डालना शुरू कर दिया परन्तु अंग्रेजी सेनाओं के लुधियाना आने से ‘पलासी’ उसके कब्जे में आने से बच गया। अमर सिंह थापा…
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आधुनिक हिमाचल का इतिहास (सिख और गोरखा)

सिख- गुरू नानक देव सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरू थे। गुरू नानक देव जी अपनी तीसरी उदासी (यात्रा) में 1514 AD में हिमाचल प्रदेश आए थे। गुरूनानक देव जी ने कांगड़ा, ज्वालामुखी, कुल्लू, सिरमौर और लाहौल-स्पीति की यात्रा की। पाँचवें सिख गुरु अर्जुन देव जी ने पहाडी राज्यों में भाई कलियाना को हरमिंदर…
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