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भारतीय इतिहास (पाषाण काल-5) – HPExams.in
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भारतीय इतिहास (पाषाण काल-5)

  • प्रागैतिहासिक मानव द्वारा प्रयोग में लाई जाने वाली पहली धातु तांबा थी जिसके प्रयोग के विकास और उसके लाभ का विवेचन किस कृति में मिलता है- वी.जी.चाइल्ड कृत “व्हाट हैपेंड इन हिस्ट्री”
  • किस ताम्र पाषाण संस्कृति से पत्थर के औजार की पूर्णतया अनुपस्थितऔर तांबे के कुठारो एवं अन्य उपादानो की प्रचुरता मिलती है?- आहड़
  • आहड़ संस्कृति के मृदभांड कैसे थे?- काले व लाल मृदभांड जिन्हें सफेद रेखिक चित्रों से सजाया गया
  • ताम्रनिधि संस्कृति से संबंधित तांबे की वस्तु का प्रथम उद्घाटन किस स्थान पर हुआ?- बिठूर से 1822 में
  • सवालदा संस्कृति का संबंध किससे है- दैमाबाद की ताम्र पाषाण संस्कृति
  • जोर्वे संस्कृति के कोन से स्थल नगरीकरण की अवस्था तक पहुँच गये थे- दैमाबाद व इनामगाँव
  • जोर्वे ताम्र पाषाणिक स्थल नेवासा की खोज एवं उत्खनन किसने किया- नेवासा की खोज N. M. देशपांडे ने और उत्खनन H. D. सांकलिया ने किया।
  • मालवा ताम्र पाषाणिक स्थल का प्रतिनिधि स्थल है- नवदाटोली
  • सबसे प्राचीन ताम्र पाषाणिक स्थल है- कायथा
  • नोट- मालवा ताम्र पाषाणिक संस्कृति का स्थल कायथा कालीसिंध नदी के किनारे पर स्थित है।
  • ह्ल्लुर में घोड़े की हड्डी मिली है जिसका संबंध किस पुरातात्विक चरण से है?- ताम्र पाषाण सभ्यता के अंतिम चरण से
  • किस ताम्र पाषाण स्थल से सिंधु लिपि के तीन अक्षर युक्त मृदभांड का टुकड़ा मिला है- दैमाबाद महाराष्ट्र
  • भारत में किस ताम्र पाषाण स्थल से सर्वाधिक अनाज की किस्म मिली है- नवदाटोली मध्य प्रदेश
  • ताम्र पाषाण काल में पूर्वी भारत के लोग मुख्य रूप से क्या खाते थे?- मछली और चावल
  • भारत में प्रथम मानव वास(human settlment )
  • का काल क्या है?- 500000 ईसा पूर्व
  • किस ताम्र पाषाण स्थल से पक्की ईंटों की प्रयोग कर सकते मिलता है?- गिलुंद
  • कौन सी ताम्र पाषाण संस्कृति हड़प्पा संस्कृति से प्रभावित थी?- कायथा संस्कृति,मध्य प्रदेश
  • कौन सा स्थल प्राक्-हड़प्पा ताम्र पाषाण स्थल था- गणेश्वर
  • राजस्थान के हाकरा-घग्घर क्षेत्र में सोथी संस्कृति को प्राक् हरप्पन संस्कृति माना गया है इस ओर ध्यान आकृष्ट करने वाले पुरातत्वविद कौन थे?- अमलानंद घोष 1953
  • गणेश्वर ताम्र पाषाण स्थल को विस्तृत तौर पर किसके निर्देशन में उत्खनन किया गया?- रतन चंद्र अग्रवाल के निर्देशन में 1978 ईस्वी से 1988 ईस्वी तक यह कार्य करवाया गया
  • किस ताम्र पाषाण स्थल से नदी की बाढ़ से बचने हेतु वृहद बांध के साक्ष्य मिले- गणेश्वर
  • टोटीदार बर्तन किस ताम्र पाषाण संस्कृति स्थल से मिले हैं?- इनामगांव महाराष्ट्र (जोरवे संस्कृति)
  • संरक्षित चिप्सी तकनीकी से निर्मित मृदभांड किस ताम्र पाषाण की स्थल से मिले?- बालाथल उदयपुर
  • आर्यों से पूर्व गाय पूजन के प्रमाण किस स्थान से मिलते हैं?- ओझियाना भीलवाड़ा
  • चित्तौड़गढ़ के निकट मार्मी किस लिए प्रसिद्ध है?- यहां सांड से मिलती-जुलती मूर्तियां मिली हैं जो इस तथ्य की ओर संकेत देती है कि इस क्षेत्र के लोग ताम्र पाषाण काल में वृषभ के उपासक थे
  • एशुली संस्कृति किस प्रजाति से सम्बधित है- होमो इरेक्टस
  • राजस्थान में कौनसा प्रागैतिहासिक स्थल बड़े पैमाने पर लघु पाषाण उपकरणों के लिए जाना जाता है- बागौर
  • लोटेश्वर नामक मध्य पाषाण कालीन स्थल कहां पर है- गुजरात
  • दक्षिण भारत में नव पाषाण काल का साक्ष्य सर्वप्रथम कहां से मिला है- कर्नाटक में संगनकल्लू और आंध्रप्रदेश में नागार्जुनकोंडा से
  • क्लेक्टोनियन संस्कृति किस प्रजाति से संबंधित है- होमोहाइडलबर्गेसिस
  • तांबे और टिन को किस अनुपात में मिलाकर कांसा तैयार किया जाता है- 9:1
  • एकमात्र ताम्रपाषाण स्थल ,जहाँ प्रस्तर फलक उधोग के साथ मकानों के निर्माण में पक्की ईंटो का साक्ष्य मिला है- गिलुण्ड
  • धूपदीप पात्रों के आधार पर आहड़ संस्कृति का सम्बध किससे माना जाता हैं- ईरान
  • सर्वप्रथम ताम्र भंडार /उपकरण कहां से प्राप्त हुए है – बिठूर (उतरप्रदेश)

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